आज के इस आर्टिकल में हमने आपको 100+ Republic Day Shayari in Hindi रिपब्लिक डे शायरी इन हिंदी बताई है जो कि आपको बहुत ही ज्यादा पसंद आने वाली है। तो दोस्तों अगर आप भी एक सच्चे भारतीय हैं और अपने देश के प्रति वफादारी निभाते हैं और आप चाहते हैं कि अब जो गणतंत्र दिवस आ रहा है उस पर हम अपने देश के प्रेम के लिए कुछ शायरियों को सुनाएं और लोगों में अपने देश के प्रति प्रेम को जागृत करें।
तो दोस्तों अब आपको चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि आजकल इस आर्टिकल में हमने आपको 100 से भी ज्यादा Republic Day Shayari in Hindi रिपब्लिक डे शायरी इन हिंदी बताई है। जिनको बहुत सारे लोगों ने पसंद किया है और आशा करते हैं आपको भी वह पसंद आएगी। तो अगर आप रिपब्लिक डे पर शायरियों को ढूंढ रहे हैं तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल पर पहुंचे हैं। आईये दोस्तों जानते हैं 100 से भी ज्यादा Republic Day Shayari in Hindi रिपब्लिक डे शायरी इन हिंदी कौन सी है।
Best 115+ Narazgi Shayari in Hindi
शहीदों की कुर्बानी याद दिलाने,
दिल में देशभक्ति की ज्योत जलाने।
गणतंत्र दिवस आ गया है,
अपने संविधान की ताकत दिखाने।
हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान है,
जिसे पाने के लिए कई शूरवीरों ने दी अपनी जान है।
गणतंत्र दिवस आ गया है अपने खून में देशभक्ति के रंग भर लो,
कम से कम आज तो स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियां याद कर लो।
वतन हमारा ऐसे ना छोड़ पाए कोई,
रिश्ता हमारा ऐसा ना तोड़ पाए कोई।
दिल हमारा एक है एक है हमारी जान,
हिंदुस्तान हमारा है हम है इसकी शान।
भारत देश के नागरिक हो तो बहुत खुश हो तुम,
कई देशों में बोलने की भी आजादी नहीं सबसे ज्यादा स्वच्छ और स्वतंत्र हो तुम।
बच्चा आज भी अपने अधिकारों के लिए रोता,
सोचो अगर देश आजाद नहीं होता तो क्या होता।
आजादी मिल जाने के बाद भी सोचो अगर संविधान में,
सबको बराबरी का अधिकार नहीं होता तो क्या होता।
हमारे संविधान में बराबरी का सबका स्थान है,
इसलिए तो कहलाता है हमारा भारत देश महान है।
कई शूरवीरों ने अपना खून बहाया है,
तब जाकर हमने अपना संविधान अपना गणतंत्र पाया है।
देश भक्ति के गीत हम गा रहे हैं,
गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।
इस आजादी को बनाए रखने के लिए,
आज भी कई वीर अपनी जान गवा रहे हैं।
देश के लिए कुर्बानी वही दे सकते हैं,
जिनके दिल में देश बसते हैं।
पुत्र वियोग के दुख सहती है,
वह मान भी स्वतंत्रता सेनानी से कम नहीं।
जो सीमा पार दुश्मनों से लड़ने,
अपने बेटों को भेजती है।
खून का हर कतरा अपने वतन के नाम कर जाऊंगा,
मेरे देश की तरक्की के लिए मैं हर काम कर जाऊंगा।
गणतंत्र लोकतंत्र का महान पर्व है,
एक भारतीय होने पर मुझे बहुत गर्व है।
गली-गली में तिरंगा लहराएंगे,
गणतंत्र दिवस का यह पर्व हम शान से मनाएंगे।
तोहर जोखिम से गुजर जाते हैं,
देश की रक्षा करने के लिए जो हंसते-हंसते शहीद हो जाते हैं।
भारत के गणतंत्र का सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही उसकी अद्भुत शान।
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास का,
इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास।
जहां फूल ना खिले वह कोई चमन नहीं,
हमारे वतन से अच्छा दूसरा कोई वतन नहीं।
शहीद जिस से लिपटते हैं,
उससे ज्यादा हसीन कोई कफ़न नहीं।
तैरना है तो समुंदर में तेरो नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो वतन से करो इन बेवफा लोगों में क्या रखा है।
अपने देश का झंडा ऊंचा लहराएंगे,
हाथों में लिए देश का तिरंगा देश के गीत गाएंगे।
देशभक्ति के गीत गा लो क्योंकि गणतंत्र आया है,
जवानों की कुर्बानियां याद कर लो क्योंकि गणतंत्र आया है।
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये हैं कितने दीप बुझा कर।
मिली हैं जब ये आजादी तो फिर इस आजादी को,
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर।
आज शहीदों ने है तुमको अहले वतन ललकारा,
तोड़ो गुलामी की जंजीरें बरसाओ अंगारा।
हिन्दू मुस्लिम सिख हमारा भाई भाई प्यारा,
यह है आजादी का झंडा इसे सलाम हमारा।
आज़ादी कि कभी शाम न होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे।
बची है जो एक बूंद भी लहू की,
तो भारत मां का आंचल नीलाम ना होने देंगे।
मैं इसका हनुमान हूं यह देश मेरा राम है,
चीर के देख लो अंदर बैठा हिंदुस्तान है।
चलो फिर से खुद को जगाते हैं,
अनुशासन का झंडा फिर घूमाते हैं।
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहु,
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं।
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाए हैं कितने दीप बूझा कर।
मिली है जब भी आजादी तो फिर इस आजादी को,
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर।
वह फिर आया है नए सवेरे के साथ,
मिलजुल कर रहेंगे हम एक दूजे के साथ।
वह तिरंगा कितना प्यार वह है देखो सबसे न्यारा,
कभी भी आने ना देंगे इस पर आंच।
जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में लिपटकर सोने में सिमट कर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।
Best 101+ Propose Shayari in English
आम देश की शान देश की देश की हम संतान हैं,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा अपनी यह पहचान है।
आजाद भारत में जीते हैं हम,
आगे बढ़ने का ख्वाब देखते हैं हम।
भारत फिर से सोने की चिड़िया बन जाए,
ऐसी कोशिश करते हैं हम।
तुमको नमन ए मेरे वतन महिमा तेरी में क्या कहूं।
तेरे गुणों का गुणगान में हरदम करता रहूं।
चढ़ गये जो हंस कर सूली,
खाई जिन्होंने सीने पर गोली।
हम उनको प्रणाम करते हैं,
जो मिट गए देश के लिए हम उनको सलाम करते हैं।
कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।
हम लहरायेंगे इस जमीन पे तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है।
देशभक्तों के वलिदान से स्वतन्त्र हुए हैं हम,
कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय हैं हम।
न मरो सनम बेवफा के लिए,
दो फुट जमीन नहीं मिलेगी दफ़न के लिए।
मरना है तो अपने वतन के लिए मरो,
हसीना भी उतार देगी दुपट्टा कफ़न के लिए।
आओ झुक कर सलाम करें उन्हें जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।
न पूछो ज़माने से कि क्या हमारी पहचान है,
हमारी पहचान बस इतनी है कि हम हिन्दुस्तानी हैं।
भारत माता तेरी गाथा सबसे ऊँची तेरी शान,
तेरे आगे शीश झुकाएं दें तुझको हम सब सम्मान।
अलग है भाषा धर्म जात और प्रांत भेष परिवेश,
पर हम सबका एक ही गौरव है राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।
आज सलाम है उन वीरों को जिनके कारण ये दिन आता है,
वो मान खुश नसीब होती है बलिदान जिनके बच्चों का देश के काम आता है।
आओ झुक कर सलाम करें उनको जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।
वो फिर आया है नए सवेरे के साथ,
मिलजुल कर रहेंगे हम एक दूजे के साथ।
वो तिरंगा कितना प्यारा है वो है देखो सबसे न्यारा,
आने न देंगे हम कभी उसपे आंच।
न जियो धर्म के नाम पर न मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर।
ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गर्व हैं मैं हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है।
मन में सारी बातें छिपाये रखना,
अगर कुछ तुम्हे अच्छा ना लगे तो मन में दबाये रखनाi
क्योंकि हम भारत के वासी है वक़्त पर हम दिखा देंगे ज़माने को,
कि देश हम जैसे जवान को है बचाये रखना।
वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,
दिल एक है जान एक है हमारी,
हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी।
ज़माने भर में मिलते है आशिक़ कई मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में लिपट कर सोने में सिमट कर मरे है कई मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।
कुछ नशा तिरंगे की आन है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।
हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।
वो तिरंगे वाली डीपी हो तो लगा लो जरा,
सुना है कल देशभक्ति दिखाने वाली तारीख है।
ज़िन्दगी है कल्पनाओ की जंग,
कुछ तो करो इसके लिये दबंग।
जियो शान से भरो उमंग,
लहराओ सब के दिल में देश के लिए तरंग।
चलो फिर से खुद को जागते है,
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते है।
सुनहरा रंग है गणत्रंत्र का शहीदों के लहू से,
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते है।
तैरना है तो समंदर में तैरो नदी और नैहरो में क्या रखा है,
प्यार में मरना है तो वतन पे मरो वतन पे मरोगे तो नाम होगा,
किसी और के प्यार में मरोगे तो नाम बदनाम होगा।
वह शमा जो काम आये अंजुमन के लिए,
वह जज़्बा जो क़ुर्बान हो जाये वतन के लिए।
रखते है हम वह हौसलें भी,
जो मर मिटे हिंदुस्तान के लिए।
बलिदानों का सपना सच हुआ देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करें उन वीरों को जिनकी शहादत से यह गणतंत्र हुआ।
दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है,
सर हमेशा ऊंचा रखना इसका जब तक दिल में जान है।
ना पूछो जमाने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम हिंदुस्तानी हैं।
यह नफरत बुरी है ना पालो इसे,
दिलों में खलिश है निकालो इसे।
ना तेरा ना मेरा ना इसका ना उसका,
यह वतन है हम सब का बचा लो इसे।
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाए हैं कितने दीप बुझा कर।
मिली है जब यह आजादी तो फिर इस आजादी को,
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचा कर।
क्यों मरते हो यारो सनम के लिए ना देगी दुपट्टा कफ़न के लिए,
मरना है तो मरो वतन के लिए तिरंगा तो मिलेगा कफन के लिए।
वीर जवानों की कहानी अब भी हम दोहराते हैं,
अपने देश की मिटटी के आगे ही अपना सर झुकाते हैं।
मेरी हसरत मेरा इश्क मेरी जान है,
मेरे दिल में धड़कता मेरा हिंदुस्तान है।
इस्लाम मेरा दीन है और हिंद मेरा वतन,
न मैं दीन छोड़ सकता हूं ना मेरा वतन।
वह जिंदगी है क्या जिसमें देशभक्ति ना हो,
और वह मौत ही क्या जो तिरंगे में लिपटी न हो।
करते रहेंगे प्यार जब तक जिस्म में जान है,
शान है ये हम सबकी चाहे हिन्दू या मुस्लमान है।
हस्ते हुए लड़ते हिंदुस्तान के खातिर,
हो गये कुर्बान अपनी शान के खातिर।
घुस के मारा है दुश्मनों को,
मांगी नहीं भीख कभी जान के खातिर।
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप बुझा कर।
मिली है जब ये आज़ादी तो फिर से इस आज़ादी को,
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर।
आओ झुक के सलाम करें उनको जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।
इतना ही कहना काफी नही भारत हमारा मान है,
अपना फ़र्ज़ निभाओ देश कहे हम उसकी शान है।
वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये।
दिल एक है एक है जान हमारी,
हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है।
क्यों मरते हो यारो सनम के लिए ना देगी दुप्पटा कफ़न के लिए,
मरना है तो मारो वतन के लिए तिरंगा तो मिलेगा कफ़न के लिए।
बंद करो ये तुम आपस में खेलना अब खून की होली,
उस मा को याद करो जिसने खून से चुन्नर भिगोली।
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।
मन में सारी बातें छिपाये रखना,
अगर कुछ तुम्हे अच्छा ना लगे तो मन में दबाये रखना।
क्योंकि हम भारत के वासी है वक़्त पर हम दिखा देंगे ज़माने को,
कि देश हम जैसे जवान को है बचाये रखना।
इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,
झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है।
कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में,
भारत मा का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में।
किसकी राह देख रहा तुम खुद सिपाही बन जाना,
सरहद पर ना सही सीखो आंधियारो से लढ पाना।
मेरा जूता है जापानी पतलून है इंग्लिश तानी,
सर पर लाल टोपी रुसी फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।
अलग है भाषा धर्म जात और प्रांत भेष परिवेश,
पर हम सब का एक ही गौरव है राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेठ।
देश भक्तो की बलिदान से स्वतंत्रा हुए है हम,
कोई पूछे कोन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय है हम।
पंखो को फैलाये मोर तो बहोत देखे है,
आस्मां में छाये बादल भी बहुत बार देखे है।
शोर भी बारिश के 1000 देखे है,
जब से है तू मिला मेरा चेहरा झट से खिला।
आजादी का जोश कभी कम न होने देंगे,
जब भी जरुरत पड़ेगी देश के लिए जान लूटा देंगे।
क्योंकि भारत हमारा देश है,
अब दोबारा इस पर कोई आंच न आने देंगे।
वो फिर आया है नये सवेरे के साथ,
मिल ज़ुल कर रहेंगे हम एक दूजे के साथ।
गूंजे कहीं पर शंख, कहीं पे अजान है,
बाइबिल है ग्रन्थ साहब है गीता का ज्ञान है।
दुनिया में कहीं और यह मंज़र नसीब नहीं,
दिखाओ ज़माने को ये हिंदुस्तान है।
हर वक़्त मेरी आँखों में धरती का स्वपन हो,
जब कभी मरू तो तिरंगा मेरा कफ़न हो।
और कोई ख्वाहिश नहीं ज़िंदगी में अब,
जब कभी जनमु तो भारत मेरा वतन हो।
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर,
भारत का नाम होगा सब की जुबान पर।
ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान,
कोई जो उठायेगा आँख हमारे हिंदुस्तान पर।
मुझे तन चाहिए, ना धन चाहिए,
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए।
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृभूमि के लिए,
और जब मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिये।
हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे,
करें कुर्बान हँस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे।
दिली ख्वाहिश नहीं कोई मगर ये इल्तिजा बस है,
हमारे हौसले पा जायें मानी ऐ वतन मेरे।
ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा।
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।
जब रिश्ते राख में बदल गए इंसानियत का दिल दहल गया,
मैं पूछ पूछ के हार गया क्यूँ मेरा भारत बदल गया।
कुछ हाथ से मेरे निकल गया,
वो पलक झपक के छिप गया।
फिर लाश बिछ गयी लाखों की,
सब पलक झपक के बदल गया।
किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ।
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
दोस्ताना इतना बरकरार रखो कि मजहब बीच में न आये कभी,
तुम उसे मंदिर तक छोड़ दो वो तुम्हें मस्जिद छोड़ आये कभी।
आज मुझे फिर इस बात का गुमान हो,
मस्जिद में भजन मंदिरों में अज़ान हो।
खून का रंग फिर एक जैसा हो,
तुम मनाओ दिवाली मेरे घर रमजान हो।
मैं मुस्लिम हूँ, तू हिन्दू है, हैं दोनों इंसान,
ला मैं तेरी गीता पढ़ लूँ, तू पढ ले कुरान।
अपने तो दिल में है दोस्त, बस एक ही अरमान,
एक थाली में खाना खाये सारा हिन्दुस्तान।
काले गोरे का भेद नहीं हर दिल से हमारा नाता है,
कुछ और न आता हो हमको हमें प्यार निभाना आता है।
निष्कर्ष
आज के इस आर्टिकल में हमने आपको 100+ Republic Day Shayari in Hindi रिपब्लिक डे शायरी इन हिंदी बताई है जो की यकीनंदन आपको पसंद आई होगी। आशा करते हैं कि आपको हमारा आज क यह आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको हमारा आज का यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों में भी शेयर करें ताकि वह भी रिपब्लिक डे शायरी को पढ़ सके और देश के प्रति अपने प्रेम को जागृत कर सके।




